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टैक्स के बाद पॉवरग्रिड का मुनाफ़ा 7500 करोड़

Date: 
Monday, May 29, 2017

भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय के अधीन नवरत्न कंपनी पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पॉवरग्रिड) ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान 26, 581 रुपए के टर्नओवर के साथ 7,520 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफ़ा कमाने की घोषणा की है, जो कि वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में टर्नओवर में 25 प्रतिशत और मुनाफ़े में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। कंपनी ने पहली बार टर्नओवर के मामले में 25000 करोड़ और मुनाफ़े के मामले में 7500 करोड़ को पार किया है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी ने 1916 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है जोकि वित्तीय वर्ष 2015-16 की इस अवधि के 1569 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ की तुलना में 22 प्रतिशत की वृद्धि है।

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए पहले दिए जा चुके 10 प्रतिशत अंतरिम लाभांश के साथ ही 33.5 प्रतिशत अतिरिक्त लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है।

अप्रैल 2017 के अंत तक पॉवरग्रिड करीब 139, 700 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाईन्स के साथ 220 सब-स्टेशन के ज़रिए 292, 500 मैगावाट की ट्रांसमिशन क्षमता को संचालित कर रहा है। रख-रखाव की आधुनिकत्म तकनीकों को प्रयोग करते हुए ट्रांसमिशन प्रणाली की औसतन उपलब्धता वर्ष 2016-17 के दौरान 99.79 प्रतिशत रही।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान पॉवरग्रिड ने अनेक महत्वपूर्ण अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन लाईन्स पूरी की जिसमें 800 केवी एचवीडीसी चम्पा-कुरूक्षेत्र लाईन, अंगुल-स्रीककुलम लाईन और वर्धा-निज़ामाबाद लाईन शामिल हैं। कंपनी ने टीबीसीबी के अधीन में दो प्रोजेक्ट संपूर्ण किए।

इस अवधि के दौरान कंपनी का पूंजी खर्च 24, 429 करोड़ रुपए रहा जो कि साल में सबसे ज़्यादा है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के समापन के साथ बारहवीं पंच वर्षीय योजना (2012-17) भी पूरी हो गई और इस अवधि के दौरान पॉवरग्रिड ने सबसे ज़्यादा 1,12, 664 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश किया जो कि 1,10,000 करोड़ रुपए से कहीं ज़्यादा है (योजना की शुरूआत में इस लक्ष्य की 1,00, 000 करोड़ की संभावना व्यक्त की गई थी)। 

बारहवीं योजना के दौरान पॉवरग्रिड ने तकनीक अपनाने, परिनियोजन और नवीनीकरण के मामले में कई नए मील पत्थर स्थापित किए। कंपनी ने 800 केवी एचवीडीसी को बिस्वनाथ-चरियाली (एनईआर)-आगरा के रूप में दुनिया के सबसे लम्बे मल्टी-टर्मिनल की स्थापना की और हैलीकॉप्टर और ड्रोन के ज़रिए ओ एंड एम ट्रांसमिशन लाईन्स की निगरानी जैसी आधुनिक्तम तकनीक का परियोजन किया। विलक्षण सार्वजनिक-निजी सांझेदारी के ज़रिए 1200 केवी यूएचवी एसी के सफ़ल परीक्षण के साथ पॉवरग्रिड ने दुनिया को नए वोल्टेज लेवल से परिचित करवाया।